जीवन से जुड़ी प्रेरणा दायक बाते
उदारता
यह अपना है और यह पराया है , यह तुच्छ मन वालों की गणना है । उदार चरित्र वालों के लिए सारी पृथ्वी ही अपना दूसरों के साथ वैसी …
जीवन से जुड़ी प्रेरणा दायक बाते।
आलोचना
अनुचित आलोचना परोक्ष रूप से आपकी प्रशंसा ही है , स्मरण रखिए , कुत्सित फूल पर भ्रमर कभी नहीं बैठते ।
नासमझ लोगों द्वारा की गई तारी…
अन्तरावलोकन
पिछले बीस सालों का निरीक्षण कीजिए । हो सकता है आपको अपने जीवन से ही कोई अच्छी प्रेरणा मिल जाए । अपने आपको पहचानना सबसे कठिन काम ।
दूसरों की गलती निकालना सबसे आसान काम ।…
नास्ति तत्वं गुरोः परम् ।
शिष्य का यह कर्तव्य होता है कि गुरुसेवा में अपना सर्वस्व लुटा दे । गुरु का स्वभाव ही होता है कि वह संप्राप्त आध्यात्मिक पूँजी का अपना संपूर्ण कोष शिष्य के हृदय में उड…
सामायिक साधना की भूमिका ।
वट वृक्ष ऊपर से जितना विशाल दिखता है , भीतर में उतना ही दूर तक फैला हुआ होता है ; जड़ें जितनी गहरी , वृत्त उतना ही विशाल । इसी तरह मनुष्य की आस्था , श्रद्धा , मान्यता ,…
साधक का लक्ष्य और साधना
साधक के जीवन के समक्ष सबसे बड़ा लक्ष्य एवं उद्देश्य यह है , कि वह दु : ख मुक्त होना चाहता है । दु : ख मुक्त होने के लिए आवश्यक है कि वह स्व और पर दोनों को समझे । पर को …
ज्योतिष कहता है कि मनुष्य अपने ही
ज्योतिष कहता है कि मनुष्य अपने ही कर्मो का फल पाता है| कर्म कैसे फल देता है
महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे …
जानें , किस भ्रम में हैं हम ?
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प्रमाण वृत्ति के तीनों स्रोतों से साक्षात्कार करने के उपरांत समधिपाद के आठवें सूत्र में महर्षि ने दूसरी वृत्ति का खुलासा किया है । वह कहते हैं&nbs…
लोभ और प्रेम
रामचंद्र शुक्ल ने लोभ और प्रीति विषय में यही कहा कि किसी प्रकार का सुख या आराम देने वाली वस्तु के संबंध में मन की ऐसी स्थिति , जिसमें उस वस्तु के अभाव की भावना होते ही प्राप्ति , स…