धर्म जोड़ता मन वीणा के टूटे तारों को।
दीपावली का समय नजदीक था , एक व्यक्ति अपने घर की सफाई में लगा हुआ था । अचनाक उसकी दृष्टि एक ऐसी वस्तु पर पड़ी , जिसके विषय में वह कुछ खास नहीं जानता था ।
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ज्योतिष कहता है कि मनुष्य अपने ही
ज्योतिष कहता है कि मनुष्य अपने ही कर्मो का फल पाता है| कर्म कैसे फल देता है
महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे...पर ऐसे …
जानें , किस भ्रम में हैं हम ?
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प्रमाण वृत्ति के तीनों स्रोतों से साक्षात्कार करने के उपरांत समधिपाद के आठवें सूत्र में महर्षि ने दूसरी वृत्ति का खुलासा किया है । वह कहते हैं&nbs…
धार्मिक आचरण
पोथी पढ़कर कोई विद्वान नहीं हो सकता है । लोग कहते हैं कि इस अर्थ में विद्या क्या है ? ' सां विद्या या विमुक्तये । ' दरअसल विद्या उसी को कहते हैं , जिसके द्वारा हमें विमुक्ति मिल…
आध्यात्मिक ज्ञान
आध्यात्मिक ज्ञान जैसा कुछ भी नहीं है। हाँ अध्यात्म जरूर है और शास्त्रों का ज्ञान जरूर है। अब आप कहेंगे इन दोनों में फर्क क्या है?
ज्ञान शास्त्रों में छुपा है। उन शास्त्रों को…